कांग्रेस की घोषणापत्र में आज ओपीएस पर चुप्पी हो सकती है, पीएमएलए को खत्म करने का वादा

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By Gulam Mohammad

कांग्रेस की घोषणापत्र में आज ओपीएस पर चुप्पी हो सकती है – आज कांग्रेस ने अपने आगामी चुनावी घोषणापत्र में ओपीएस (ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम) पर चर्चा कम कर सकती है और पीएमएलए (प्रारंभिक मानदंड और उत्तरदायित्व अधिनियम) को समाप्त करने का वादा कर सकती है।

कांग्रेस की घोषणापत्र में आज ओपीएस पर चुप्पी हो सकती है, पीएमएलए को खत्म करने का वादा

कांग्रेस की घोषणापत्र में आज ओपीएस पर चुप्पी हो सकती है

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस की टीम ने यह निर्णय लिया है कि ओपीएस पर आपत्ति को कम किया जाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा प्रभावित उपयोगकर्ताओं को ध्यान में रखते हुए विवादास्पद विषयों से दूरी बनाई जाए।

साथ ही, कांग्रेस की संभावित घोषणापत्र में यह भी शामिल हो सकता है कि पीएमएलए को खत्म करने का वादा किया जाए। इसका मकसद संसद में बहस को समर्थन देने वाले कई दलों की समर्थन जीतना हो सकता है।

ओपीएस को लेकर कांग्रेस का यह नया स्टैंड विपक्ष में अनेक सवाल उठा सकता है, हालांकि यह कांग्रेस के चुनावी प्रचार में आराम और संरक्षण दोनों को समझाने का प्रयास हो सकता है।

पीएमएलए के बारे में वादा करने के मामले में, कांग्रेस का उद्देश्य देश की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और उत्तरदायित्व अधिनियम को एक नया परिप्रेक्ष्य देने का हो सकता है। यह भी साबित हो सकता है कि वे उसके नुकसान को उजागर कर सकते हैं जो इसके प्रायोजनिक प्रयोग से होते हैं।

इस घोषणापत्र के बाद कांग्रेस की नजरें चुनावी मैदान पर होंगी, जहां उन्हें विपक्षी दलों के साथ मुकाबला करना होगा। ओपीएस और पीएमएलए के बारे में उनके स्टैंड के आधार पर उन्हें चुनावी प्रचार में विश्वास प्राप्त करना होगा।

चुनावी महासंग्राम में ओपीएस और पीएमएलए के मुद्दों पर कांग्रेस का नया स्टैंड भी विपक्षी दलों को जवाब देने के लिए जरूरी हो सकता है। इस संदर्भ में, कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि वे इस घोषणापत्र के माध्यम से व्यापारिक और आर्थिक संकट से जूझ रहे लोगों के हित में कार्रवाई का वादा करेंगे।

कांग्रेस की इस घोषणा की स्वीकृति से एक नई चुनौती उनके सामने आ सकती है। जनता के सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर उनका प्रतिक्रियात्मक विचार संघर्ष में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। वे चुनावी अभियान में इसे अपने लाभ के लिए उपयोग कर सकते हैं।

कांग्रेस के घोषणापत्र का समर्थन करने वाले और विरोध करने वाले दोनों ही विचारक और राजनीतिज्ञों के अनुसार, यह एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है जो भारतीय राजनीति के भविष्य को प्रभावित कर सकता है। चुनावी अभियान के दौरान, यह घोषणापत्र कांग्रेस के चुनावी मैदान में एक नई राह दिखा सकता है।

इस संदर्भ में, विपक्षी दल भी कांग्रेस के घोषणापत्र पर अपने विचार प्रकट कर सकते हैं और अपने मुद्दों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। इससे चुनावी मैदान में और भी रोचकता बढ़ सकती है और जनता को समझने में मदद मिल सकती है कि पार्टियों की नीतियों और वादों के बीच कौनसा अंतर है।

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