एक्स-कलकत्ता हाईकोर्ट न्यायाधीश अभिजित गंगोपाध्याय ने भाजपा में समाहित होने की घोषणा की: ‘भ्रष्ट बंगाल सरकार को हटाना मुख्य उद्देश्य’

Photo of author

By Gulam Mohammad

एक्स-कलकत्ता हाईकोर्ट न्यायाधीश अभिजित गंगोपाध्याय ने भाजपा में समाहित होने की घोषणा की: ‘भ्रष्ट बंगाल सरकार को हटाना मुख्य उद्देश्य’

भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष में शामिल होने के लिए प्रसिद्ध एक्स-कलकत्ता हाईकोर्ट न्यायाधीश अभिजित गंगोपाध्याय ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में समाहित होने की घोषणा की है। उन्होंने अपने इस कदम को भ्रष्टाचार और भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ सशक्त विरोध का एक और प्रमुख योगदान माना है।

एक्स-कलकत्ता हाईकोर्ट न्यायाधीश अभिजित गंगोपाध्याय ने भाजपा में समाहित होने की घोषणा की: 'भ्रष्ट बंगाल सरकार को हटाना मुख्य उद्देश्य'

अभिजित गंगोपाध्याय ने एक साझेदारी कार्यक्रम के दौरान अपनी प्रेस वार्ता में कहा, “मेरा मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार से मुक्त बंगाल सरकार को हटाना है। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो बंगाल को उसके सच्चे पोतें की ओर ले जाएगा।”

उन्होंने और भी कहा, “भाजपा की नेतृत्व में हम एक सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में कदम बढ़ाएंगे। भ्रष्टाचार, विकास से वंचित लोगों के हित में लड़ाई, और राजनीतिक उत्थान के लिए हम साथ मिलकर काम करेंगे।”

अभिजित गंगोपाध्याय की इस घोषणा ने राजनीतिक दलों में चर्चा को तेजी से बढ़ा दिया है, खासकर बंगाल में जहां भाजपा अपनी जनसंख्या और समर्थन को बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। इस घोषणा से साफ है कि अभिजित गंगोपाध्याय भाजपा के विचारधारा और मिशन को समर्थन देने के लिए तैयार हैं।

इस घटना ने राजनीतिक समीकरण में एक नई दिशा को दर्शाया है और यह दिखाता है कि भाजपा बंगाल में अपनी बूट की नकल नहीं कर रही है, बल्कि अपने रूझान को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।

अभिजित गंगोपाध्याय के समाहित होने के बाद, भाजपा ने उन्हें उनके नेतृत्व में बंगाल के विकास और समृद्धि के लिए काम करने के लिए धन्यवाद दिया है।

यह समाचार सामाजिक मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस घटना के साथ जुड़े अपडेट्स जानने के लिए उत्साहित हैं।

अभिजित गंगोपाध्याय का भाजपा में समाहित होना एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटना के रूप में मानी जा रही है जो भाजपा की बंगाल में मजबूती को और भी बढ़ाएगी।

Leave a Reply

Discover more from Jai Bharat Samachar

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading