लोकसभा चुनाव 2024: BJP को पुराने सहयोगियों से बड़ा खतरा! NDA से गठबंधन तोड़ने वाली पार्टियों की हो गई है लंबी लिस्ट

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By Gulam Mohammad

लोकसभा चुनाव 2024: BJP को पुराने सहयोगियों से बड़ा खतरा! NDA से गठबंधन तोड़ने वाली पार्टियों की हो गई है लंबी लिस्ट – भारतीय जनता पार्टी (BJP) को लोकसभा चुनाव 2024 में पुराने सहयोगियों से एक बड़ा खतरा का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि एनडीए से गठबंधन तोड़ने वाली पार्टियों की लंबी सूची उजागर हो रही है।

लोकसभा चुनाव 2024: BJP को पुराने सहयोगियों से बड़ा खतरा! NDA से गठबंधन तोड़ने वाली पार्टियों की हो गई है लंबी लिस्ट

लोकसभा चुनाव 2024: BJP को पुराने सहयोगियों से बड़ा खतरा! NDA से गठबंधन तोड़ने वाली पार्टियों की हो गई है लंबी लिस्ट

विभिन्न राज्यों में हो रहे चुनावी उत्सव के मध्य, बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती उभर रही है। गठबंधनों की भावनाओं और राजनीतिक चलचित्र के बदलते स्वरूप के चलते, कई छोटी और बड़ी पार्टियाँ अब अपने हिस्सेदारी की पुरानी सीमाओं को परीक्षण कर रही हैं।

उत्तर प्रदेश में, सामाजिक न्याय पार्टी (SJP) ने एनडीए से अपने संबंध को खत्म करने का ऐलान किया है। समाजवादी पार्टी (SP) और बसपा के साथ साझा रखी गई सीटों पर SJP की उपस्थिति बीजेपी के लिए नई चुनौती पैदा कर सकती है।

पंजाब में, अखिलेश यादव के समर्थन में किसान मोर्चा और आम आदमी पार्टी (AAP) ने एनडीए से अपना सहयोग वापस लेने का फैसला किया है। इससे एनडीए को उत्तर प्रदेश और पंजाब के कुछ सीटों पर मजबूत प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा।

महाराष्ट्र में, शिवसेना ने भाजपा के साथ गठबंधन को समाप्त किया है और खुद को स्वतंत्र दल के रूप में प्रस्तुत किया है। इससे महाराष्ट्र में भी BJP को नये चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

इन राज्यों में गठबंधनों के तोड़ने से बीजेपी को न केवल वोटों की अपनी बातचीत को फिर से आरंभ करना होगा, बल्कि यह भी साबित करना होगा कि वह अपने पूर्व और विश्वासी सहयोगियों के विश्वास को फिर से जीत सकती है या नहीं।

चुनावी उत्सव के बीच, एनडीए के साथ गठबंधन तोड़ने वाले अधिकांश दलों ने अपने नेताओं के तौर पर राष्ट्रीय स्तर पर एकत्रित होने का ऐलान किया है, जिससे कि वे चुनावी अभियान को एक मजबूत परिणाम तक पह चुकाने के लिए समर्थ हों। इस परिणामस्वरूप, भाजपा को नए संघर्षों का सामना करना होगा, जिसमें वह अपनी प्रतिष्ठा और विश्वास को बनाए रखने के लिए प्रयासरत रहेगी।

इस विषय पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बयान दिया कि वे इस विकल्पिक उत्तराधिकारी राजनीतिक माहौल में भी अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी तरह से सजग रहेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा की प्रतिभाशाली टीम ने यह निश्चित कर लिया है कि वे चुनावी मैदान में एकत्रित होकर विपक्ष के खिलाफ जीत हासिल करेंगे।

विपक्षी दलों ने इस उत्तराधिकारी राजनीतिक वातावरण का लाभ उठाया है, ताकि वे भाजपा के खिलाफ एक समृद्ध और संघर्षशील गठबंधन बना सकें। यह चुनाव के लिए एक बड़ी चुनौती प्रस्तुत करता है, जिसमें भाजपा को न केवल अपने विरोधियों के खिलाफ, बल्कि उनके पूर्व आदान-प्रदान भी खातरे में हो सकते हैं।

चुनावी अभियान के इस महत्वपूर्ण चरण में, राष्ट्रीय और राज्य स्तर के नेताओं ने अपने उद्देश्यों को हासिल करने के लिए प्रतिबद्धता दिखाई है। वे जनता के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और अपनी दलील को विश्वसनीयता और विश्वासयोग्यता के साथ प्रस्तुत कर रहे हैं।

इसी बीच, जनता को भारी मतदान की उत्सुकता और निर्णय लेने की जिम्मेदारी भी उनकी है। लोकतंत्र में भाग लेने का यह महत्वपूर्ण अधिकार है, जिसे हमें मजबूती से प्रयोग करना चाहिए।

चुनावी उत्सव के इस चरण में, भारतीय लोकतंत्र की ताकत को और बल मिलेगा, जो देश को आगे बढ़ाने और उसकी सामाजिक-आर्थिक सुधार को प्रोत्साहित करने में सहायक होगा।

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