लोकसभा चुनाव: BJP के लिए ‘दक्षिण का द्वार’ खुलना मुश्किल, I.N.D.I.A से बुरी तरह पिछड़ी, सर्वे बता रहा कितनी मिल सकती हैं सीटें

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By Gulam Mohammad

लोकसभा चुनाव: BJP के लिए ‘दक्षिण का द्वार’ खुलना मुश्किल, I.N.D.I.A से बुरी तरह पिछड़ी, सर्वे बता रहा कितनी मिल सकती हैं सीटें

लोकसभा चुनाव: BJP के लिए 'दक्षिण का द्वार' खुलना मुश्किल, I.N.D.I.A से बुरी तरह पिछड़ी, सर्वे बता रहा कितनी मिल सकती हैं सीटें

लोकसभा चुनाव: BJP के लिए ‘दक्षिण का द्वार’ खुलना मुश्किल, I.N.D.I.A से बुरी तरह पिछड़ी, सर्वे बता रहा कितनी मिल सकती हैं सीटें

भारतीय राजनीति में एक नया चिंता का विषय बन गया है, जब एक नई राजनीतिक सर्वे ने दिखाया है कि बीजेपी के लिए ‘दक्षिण का द्वार’ खुलना मुश्किल हो सकता है। इस सर्वे में दिखाया गया है कि बीजेपी के प्रतिद्वंद्वी I.N.D.I.A (इंडियन नेशनल डेमोक्रेटिक इन्वेस्टिगेटर्स एसोसिएशन) ने बीजेपी को पीछे छोड़ दिया है। इससे साफ है कि दक्षिण भारत में बीजेपी के लिए चुनावी मुद्दों में कठिनाई आ सकती है।

सर्वे के अनुसार, दक्षिण भारत में बीजेपी की सीटों की संख्या कम हो सकती है। बीजेपी ने पिछले कुछ वर्षों में दक्षिण में अपनी भूमिका को मजबूत करने के लिए कई प्रयास किए हैं, लेकिन यह सर्वे इस दिशा में एक चिंताजनक संकेत है।

इस सर्वे में दिखाया गया है कि बीजेपी को दक्षिण भारत में विपक्षी दलों के साथ टक्कर में होने का मुकाबला करना होगा। वहीं, विपक्षी दलों के बीच गठबंधन की संभावना भी है, जो बीजेपी के लिए और भी कठिनाईयों को बढ़ा सकती है।

इस सर्वे के अनुसार, बीजेपी को दक्षिण भारत में कुछ राज्यों में सीटों की कमी का सामना करना पड़ सकता है, जिससे उसकी सीटों की संख्या कम हो सकती है। यह सर्वे चुनावी रणनीति में बदलाव की संभावना को भी दर्शाता है।

इस सर्वे के परिणामों के बावजूद, बीजेपी के नेता ने इसे नकारते हुए कहा कि उनकी पार्टी को दक्षिण भारत में भी विश्वास है और वह इस क्षेत्र में अपनी साख पर खड़ी है। वह इसे एक राजनीतिक दावा मानते हैं और उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को चुनावी मुद्दों पर केंद्रित ध्यान देने के निर्देश भी दिए हैं।

इस सर्वे के परिणामों का चयन चुनावी रणनीति को बदल सकता है, जिससे दक्षिण भारत में होने वाले चुनाव में राजनीतिक दलों के बीच और तीव्रता आ सकती है।

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