The Top 20 Electoral Bond Purchasers

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By Sunil Chaudhary

The Top 20 Electoral Bond Purchasers – चुनावी बॉन्ड खरीदारों की शीर्ष सूची में उद्योग जगत के बड़े नाम शामिल

The Top 20 Electoral Bond Purchasers

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The Top 20 Electoral Bond Purchasers

 

भारत में चुनावी बॉन्ड की पारदर्शिता हमेशा एक विवादास्पद मुद्दा रहा है। चुनाव आयोग के ताजा डेटा अपलोड से यह जानकारी मिली है कि लॉटरी से लेकर खनन, थर्मल पावर से मोबाइल नेटवर्क तक के क्षेत्रों से जुड़े उद्योगपति इन बॉन्ड्स के प्रमुख खरीदार हैं।

शीर्ष 20 खरीदारों की सूची में ‘फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड’ 1,368 करोड़ रुपये के साथ सबसे ऊपर है, जबकि ‘मेघा इंजीनियरिंग एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड’ 966 करोड़ रुपये के साथ दूसरे स्थान पर है। ‘ओक्विक सप्लाई चेन प्राइवेट लिमिटेड’ और ‘हल्दिया एनर्जी लिमिटेड’ ने भी क्रमशः 410 करोड़ रुपये और 377 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड खरीदे हैं।

खनन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ‘वेदांता लिमिटेड’ 376 करोड़ रुपये के निवेश के साथ इस सूची में प्रतिष्ठित स्थान रखती है। इसी तरह, ‘एस्सेल माइनिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड’ और ‘वेस्टर्न यूपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी’ ने भी क्रमशः 225 करोड़ रुपये और 220 करोड़ रुपये के बॉन्ड खरीदे हैं।

दूरसंचार क्षेत्र से ‘भारती एयरटेल लिमिटेड’ ने 198 करोड़ रुपये के बॉन्ड खरीदकर अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की ‘केवेंटर फूड पार्क इन्फ्रा लिमिटेड’ और ‘एम.के.जे एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ ने भी क्रमशः 195 करोड़ रुपये और 192 करोड़ रुपये के निवेश दर्ज किए हैं।

इस रिपोर्ट में प्रकट की गई सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पार्टी-वार राशि के मामले में भाजपा को 6,060.51 करोड़ रुपये मिले हैं, जो कि अन्य पार्टियों से कहीं अधिक है। टीएमसी, आईएनसी, बीआरएस, और बीजेडी को भी क्रमशः 1,609.53 करोड़ रुपये, 1,421.87 करोड़ रुपये, 1,214.71 करोड़ रुपये, और 775.50 करोड़ रुपये मिले हैं।

इस सूचना से राजनीतिक फंडिंग के प्रति उद्योग जगत की प्रवृत्ति का पता चलता है, और यह आम जनता के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी है। आगे की जांच और विश्लेषण से इन निवेशों के पीछे की मंशा और उनके प्रभाव को समझने में मदद मिलेगी।

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